हार्वर्ड के शोधकर्ताओं ने बिजली की मदद से DNA संश्लेषित करने वाला एक नया सिलिकॉन चिप विकसित किया है। यह तकनीक पानी आधारित एंजाइमों का इस्तेमाल करती है। पारंपरिक DNA निर्माण प्रक्रियाओं की तुलना में इसे अधिक टिकाऊ और कुशल विकल्प माना जा रहा है। चिप एक साथ अलग-अलग DNA अनुक्रम तैयार कर सकता है। यह तकनीक 39 न्यूक्लियोटाइड तक लंबे DNA अनुक्रम बनाने में सक्षम है। शोधकर्ताओं ने चिप के डिजाइन को पहले न्यूरोसाइंस अनुसंधान के लिए विकसित किया था। अब इसे जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उपयोग के लिए अनुकूलित किया गया है। नई तकनीक DNA संश्लेषण की प्रक्रिया को अधिक सरल और सुलभ बना सकती है। इसके जरिए भविष्य में पोर्टेबल DNA-राइटिंग उपकरण विकसित होने की संभावना है। ऐसे उपकरण प्रयोगशालाओं के बाहर भी DNA निर्माण की सुविधा दे सकते हैं। तकनीक से जीन संश्लेषण को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा DNA आधारित डेटा स्टोरेज के क्षेत्र में भी इसके संभावित उपयोग देखे जा रहे हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार यह चिप भविष्य में DNA निर्माण की लागत और जटिलता कम करने में योगदान दे सकता है।

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