नाजी दौर का दुनिया का एकमात्र जीवित S-बोट लंबे समय की खोज के बाद मिल गया है। इस ऐतिहासिक नाव की तलाश करीब 13 वर्षों से की जा रही थी। खोजकर्ताओं को यह पोत बेहद अच्छी स्थिति में मिला है। S-बोट जर्मनी की नौसैनिक युद्धक नौकाओं की एक श्रेणी थी। इन नौकाओं का इस्तेमाल द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान किया गया था। लंबे समय तक समुद्र में रहने के बावजूद खोजी गई नाव की स्थिति उल्लेखनीय बताई जा रही है। इसकी खोज समुद्री इतिहास के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शोधकर्ताओं और इतिहासकारों के लिए यह पोत अतीत को समझने का दुर्लभ अवसर प्रदान करता है। नाव की पहचान और उसके इतिहास से जुड़े विवरणों का अध्ययन किया जा रहा है। 13 साल की खोज के बाद इसका मिलना अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। विशेषज्ञ इसके संरक्षण और आगे की जांच पर ध्यान दे रहे हैं। यह खोज द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इस्तेमाल की गई नौसैनिक तकनीक की जानकारी बढ़ा सकती है। दुर्लभ पोत के सुरक्षित मिलने से इसके ऐतिहासिक महत्व को लेकर रुचि बढ़ी है। इस खोज को सैन्य और समुद्री विरासत के संरक्षण की दिशा में अहम उपलब्धि माना जा रहा है। Source: Source Post navigation ड्रोन हमले के बाद लीबिया की जाविया रिफाइनरी में भीषण आग, संचालन बंद करने की चेतावनी