मुंबई क्राइम ब्रांच ने पुलिस वेतन घोटाले के मामले में एक पूर्व प्रशासनिक अधिकारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर करीब 6.5 करोड़ रुपये की सरकारी राशि की हेराफेरी में शामिल होने का आरोप है। जांच के अनुसार, यह रकम 10 काल्पनिक कर्मचारियों के नाम पर वेतन के रूप में निकाली गई थी। घोटाले का खुलासा सिस्टम डेटा माइग्रेशन के दौरान हुआ। पुलिस के मुताबिक, फर्जी कर्मचारियों के नाम पर लंबे समय तक भुगतान किया जाता रहा। कथित तौर पर यह अनियमितता दिसंबर 2019 से सितंबर 2020 के बीच हुई। मामले की जांच के दौरान पूर्व प्रशासनिक अधिकारी की भूमिका सामने आई। क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया है। इस मामले में पांच अन्य आरोपी भी बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, ये पांचों आरोपी फिलहाल फरार हैं। जांच एजेंसियां उनकी तलाश में जुटी हैं। पुलिस अब घोटाले में शामिल अन्य लोगों और धन के लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

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