जींद में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के तहत जिला स्तरीय शिक्षक कार्यशाला आयोजित की गई। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हुई कार्यशाला में करीब 50 विज्ञान शिक्षकों ने भाग लिया। इसका आयोजन इंडियन रिसोर्स एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन और हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने संयुक्त रूप से किया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक प्रतिभा और जिज्ञासा को बढ़ावा देना था। शिक्षकों को स्थानीय समस्याओं पर आधारित वैज्ञानिक अध्ययन और शोध परियोजनाएं तैयार कराने का प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने वैज्ञानिक सोच को विद्यार्थियों और राष्ट्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के तहत विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं की पहचान और वैज्ञानिक तरीके से उनके समाधान के लिए प्रेरित किया जाएगा। छात्र समस्याओं से जुड़े आंकड़े जुटाकर उनका विश्लेषण करेंगे और व्यावहारिक समाधान तलाशेंगे। वर्ष 2026-27 के लिए कार्यक्रम का मुख्य विषय सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार रखा गया है। 10 से 17 वर्ष के विद्यार्थी कनिष्ठ और वरिष्ठ वर्ग में इसमें भाग ले सकेंगे। दो-दो विद्यार्थियों की टीम मार्गदर्शक शिक्षक की देखरेख में शोध परियोजना पर काम करेगी। प्रतिभागियों के लिए NCSC वेबसाइट पर पंजीकरण अनिवार्य बताया गया है। कार्यशाला में शिक्षकों को विषय चयन, समस्या पहचान, आंकड़ा संकलन और वैज्ञानिक निष्कर्ष तक पहुंचने की प्रक्रिया समझाई गई। Source: Source Post navigation उत्तराखंड में बनेंगे 5-6 टेक्निकल एजुकेशन हब, छात्रों को मिलेंगी आधुनिक लैब, लाइब्रेरी और हॉस्टल सुविधाएं