लंदन के ऑफिस मार्केट के लिए यह अब केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि बाजार में बने रहने की चुनौती है. कुशल और ग्रीन ऑफिस स्पेस की कमी पहले से ही कंपनियों को लंदन में ऑफिस लेने से रोक रही है. अब मकान मालिकों के पास केवल दो ही विकल्प है या तो भारी निवेश कर इमारत को अपग्रेड करें या उसे बेचकर बाहर निकल जाएं. 🔗 Read original source — Aaj Tak [RAW] Post navigation नहीं रहे प्रतीक यादव, हाथ पर बना सांप वाला टैटू क्यों चर्चा में प्रतीक यादव की मौत की वजह आई सामने, पढे़ं- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या-क्या लिखा