बिहार सरकार ने जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों के व्यवहार को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने सांसदों और विधायकों के फोन कॉल का अधिकारियों को तुरंत जवाब देने को कहा है। निर्देशों का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना है। अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों की ओर से आने वाले फोन और संदेशों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनप्रतिनिधियों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाएगा। फोन कॉल का जवाब नहीं देने या संपर्क में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासनिक अधिकारियों से जनप्रतिनिधियों के साथ उचित व्यवहार बनाए रखने को कहा गया है। सरकार का जोर शिकायतों और जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान पर है। नए निर्देशों से अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश की गई है। सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों में प्रशासनिक स्तर पर बेहतर संवाद सुनिश्चित करने का प्रयास है। सरकार चाहती है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर समय पर प्रतिक्रिया मिले। निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। Source: Source Post navigation यूपी पुलिस में बड़ा फेरबदल, 9 IPS अधिकारियों के तबादले; 7 जिलों को मिले नए SP हरियाणा में SIR अभियान तेज, आज-कल बूथों पर बैठेंगे BLO; मतदाताओं को दावे-आपत्तियां दर्ज कराने का मौका