करनाल के असंध में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट पर कथित फर्जी प्रमाणपत्र जारी कर 26.19 करोड़ रुपये विदेश भेजने में मदद करने का मामला सामने आया है। आयकर विभाग ने 18 अगस्त को सीए संदीप के कार्यालय में सर्वे किया था। विभाग का आरोप है कि वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी के लिए 49 फॉर्म 15CB प्रमाणित किए गए। इन प्रमाणपत्रों के आधार पर कुल 26 करोड़ 19 लाख 9 हजार 471 रुपये विदेश भेजे गए। आयकर विभाग की जांच में संबंधित कंपनी अपने घोषित गुरुग्राम पते पर नहीं मिली। विभाग ने कंपनी को कथित तौर पर शेल या कागजी संस्था की प्रकृति का बताया है। शिकायत के अनुसार कंपनी ने इतनी बड़ी रकम विदेश भेजने के बावजूद आयकर रिटर्न भी दाखिल नहीं किया। आरोप है कि सीए ने जरूरी खाताबही, समझौते और अन्य दस्तावेजों की उचित जांच किए बिना प्रमाणपत्र जारी किए। सर्वे के दौरान सीए का बयान भी दर्ज किया गया। आयकर विभाग ने बिना उचित सत्यापन के प्रमाणन से देश के विदेशी मुद्रा भंडार और वित्तीय व्यवस्था की अखंडता पर असर पड़ने का आरोप लगाया है। विभाग की शिकायत पर असंध पुलिस ने 21 अगस्त को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस अब फॉर्म 15CB, बैंक लेनदेन, कंपनी के पते और संबंधित दस्तावेजों की जांच करेगी। मामले में संभावित बिचौलियों और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य कथित विदेशी रेमिटेंस नेटवर्क से जुड़े पूरे तंत्र का पता लगाना है।

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