छत्तीसगढ़ में रामसर साइटों की संख्या बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश में फिलहाल एक रामसर साइट कोपरा जलाशय है। अब छिंदारी, पैलीमेटा और नीमगांव जलाशयों को रामसर साइट के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। राज्य वेटलैंड प्राधिकरण इस दिशा में काम कर रहा है। प्राधिकरण ने वर्ष 2030 तक प्रदेश में 20 आर्द्रभूमियों को रामसर स्थल बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए संभावित स्थलों का सीमांकन किया जा रहा है। आर्द्रभूमियों के संरक्षण और प्रबंधन के लिए वेटलैंड मित्र भी तैयार किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों की पहचान और संरक्षण को मजबूत करना है। रामसर स्थल का दर्जा मिलने से संबंधित जलाशयों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। नए स्थलों को सूची में शामिल करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। राज्य सरकार आर्द्रभूमि संरक्षण के दायरे को व्यापक बनाने पर जोर दे रही है। 2030 तक 20 रामसर साइट का लक्ष्य पूरा करने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा।

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