न्यू जर्सी की 18 वर्षीय छात्रा मिथ्रेय धरानी ने एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल विकसित किया है। यह मॉडल अलग-अलग ट्यूमर पर कीमोथेरेपी दवा सिस्प्लैटिन के संभावित प्रभाव का अनुमान लगाने के लिए बनाया गया है। मॉडल का उद्देश्य यह समझने में मदद करना है कि किसी मरीज के ट्यूमर पर दवा कैसी प्रतिक्रिया दे सकती है। इस तरह की तकनीक व्यक्तिगत कैंसर उपचार की दिशा में उपयोगी साबित हो सकती है। मिथ्रेय ने इस परियोजना के लिए AI और चिकित्सा अनुसंधान को जोड़ा है। मॉडल ट्यूमर की व्यक्तिगत विशेषताओं के आधार पर प्रतिक्रिया का अनुमान लगाने का प्रयास करता है। सिस्प्लैटिन कई कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली कीमोथेरेपी दवा है। अलग-अलग मरीजों में इस दवा का प्रभाव अलग हो सकता है। ऐसे में उपचार से पहले संभावित प्रतिक्रिया का अनुमान चिकित्सकों के लिए उपयोगी जानकारी दे सकता है। छात्रा का यह काम युवा स्तर पर वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान की मिसाल माना जा रहा है। AI आधारित यह मॉडल अभी अनुसंधान के स्तर पर है और इसे चिकित्सा उपचार में इस्तेमाल करने के लिए आगे के परीक्षण जरूरी होंगे। परियोजना ने व्यक्तिगत कैंसर उपचार में AI की संभावनाओं को लेकर ध्यान आकर्षित किया है। Source: Source Post navigation जयपुर में बिजली गुल होने से AYUSH PG परीक्षा प्रभावित, NTA सेंटर पर छात्रों का हंगामा