मुंबई में सोमवार सुबह यात्रियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। बड़ी संख्या में ऑटोरिक्शा और टैक्सियां सड़कों से नदारद रहीं। वाहनों की कमी का असर खास तौर पर फीडर रूट पर पड़ा। इन रूटों से लोग रिहायशी इलाकों से प्रमुख परिवहन केंद्रों तक पहुंचते हैं। ऑटो और टैक्सी चालकों के इस रुख से मुंबई महानगर क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई। बताया जा रहा है कि चालक राज्य सरकार के मराठी भाषा संबंधी नियम को लेकर चिंतित हैं। इस नियम को लेकर वाहन चालकों और यूनियनों में असंतोष है। कुछ चालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। ऑटो-टैक्सी यूनियन इन नोटिसों के संबंध में कानूनी सलाह लेने की तैयारी कर रही हैं। यूनियनों का कहना है कि वे मामले के कानूनी पहलुओं को समझने के बाद आगे की रणनीति तय करेंगी। वाहनों की उपलब्धता कम होने से यात्रियों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ा। इससे सुबह के समय सार्वजनिक परिवहन पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिला। Source: Source Post navigation बेमेतरा में अनियंत्रित होकर पलटी स्कूल बस, 18 बच्चों के सवार होने से मची अफरा-तफरी योगी सरकार का बड़ा फैसला, 3.54 लाख महिला मिड-डे मील रसोइयों का मानदेय बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह किया