रूपनगर विधानसभा क्षेत्र के फूल कलां गांव में पंचायत की बेशकीमती शामलाट जमीन पर कथित कब्जे का मामला तूल पकड़ रहा है। ग्रामीणों और किसान संगठनों ने प्रभावशाली लोगों पर जमीन कब्जाने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से कथित कब्जे हटाकर पंचायत की जमीन वापस लेने की मांग की है। उनका आरोप है कि पिछली सरकारों के दौरान कुछ लोगों ने ग्रामीणों को गुमराह कर पंचायत की जमीन अपने नाम करवा ली। ग्रामीणों के अनुसार, कब्जे के कारण गांव में गोबर और मलबा डालने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची है। बच्चों के लिए खेल मैदान की उपलब्धता भी प्रभावित हुई है। गरीब परिवारों के लिए मकान बनाने की जमीन की कमी का भी ग्रामीणों ने मुद्दा उठाया है। ग्रामीणों ने बताया कि रूपनगर के विधायक दिनेश चड्ढा इस मामले को विधानसभा में उठा चुके हैं। कांग्रेस के हलका इंचार्ज वरिंदर सिंह ढिल्लों ने भी मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। किसान यूनियन के वरिष्ठ नेता परमिंदर सिंह अलीपुर, मोहन सिंह धमाणा और शरणजीत सिंह अलीपुर ग्रामीणों के समर्थन में गांव पहुंचे। किसान नेताओं ने पंचायत की जमीन वापस दिलाने के लिए संघर्ष में साथ देने का भरोसा दिया। परमिंदर सिंह अलीपुर ने ग्रामीणों और किसान संगठनों की संयुक्त संघर्ष कमेटी बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इसके बाद प्रशासन और कथित कब्जाधारियों के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। Source: Source Post navigation राजनांदगांव में दर्दनाक हादसा, सड़क पर बैठे मवेशियों के झुंड पर चढ़ा तेज रफ्तार ट्रक उत्तर प्रदेश में शहरी परिवहन व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी