कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ प्रस्ताव की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने संसदीय समिति की बैठक के दौरान इस योजना पर अपनी आपत्तियां रखीं। चिदंबरम ने प्रस्ताव को बेहद कठोर शब्दों में खारिज किया। उन्होंने एक साथ चुनाव कराने की योजना के औचित्य पर सवाल उठाए। उनके अनुसार चुनाव प्रक्रिया में प्रस्तावित बदलावों के गंभीर राजनीतिक और संवैधानिक प्रभाव हो सकते हैं। समिति की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई। चिदंबरम ने योजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने प्रस्ताव के पीछे दिए जा रहे तर्कों पर भी सवाल उठाए। ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लंबे समय से राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना हुआ है। इसके समर्थक बार-बार होने वाले चुनावों से होने वाले खर्च और प्रशासनिक व्यवधान को कम करने की बात कहते हैं। वहीं विपक्षी दल इसके संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रभावों को लेकर चिंता जताते रहे हैं। संसदीय समिति प्रस्ताव से जुड़े पक्षों और आपत्तियों पर विचार कर रही है। Source: Source Post navigation पलवल में 7 सितंबर को बाजार बंद का ऐलान, UGC नियमों और आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन