अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के एक कैदी ने अपनी किताब में जेल व्यवस्था को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। आठवीं कक्षा तक पढ़े योगेश चारणवासी ने जेल में अपने अनुभवों के आधार पर यह किताब लिखी है। किताब में हाई सिक्योरिटी जेलों में प्रभावशाली गैंगस्टरों के दबदबे का दावा किया गया है। इसमें कैदियों के पास ब्रांडेड कपड़े और जूते पहुंचने की बात भी लिखी गई है। किताब के अनुसार कुछ हाई प्रोफाइल बंदियों को अदालत में पेशी के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा और भारी एस्कॉर्ट मिलता है। इसमें दावा किया गया है कि 2021 में लॉरेंस बिश्नोई से मिलने की मांग को लेकर कुछ कैदियों ने 20 दिन तक भूख हड़ताल की थी। कथित तौर पर बाद में प्रशासन ने दबाव के बीच उन्हें एक ही वार्ड में रखने की अनुमति दी। किताब में जेल के भीतर गैंगस्टरों के आपसी नेटवर्क और बाहर अपराधों पर उसके कथित प्रभाव का भी उल्लेख है। मोबाइल फोन के जरिए कैदियों के बाहर संपर्क रखने और गर्लफ्रेंड समेत अन्य लोगों से बातचीत करने के आरोप भी लगाए गए हैं। एक जेल प्रहरी पर पैसे लेकर कैदियों तक मोबाइल पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। किताब में कुछ जेलकर्मियों के बदमाशों के दबाव और प्रभाव में काम करने का दावा भी किया गया है। योगेश चारणवासी 2020 से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है और उस पर विभिन्न राज्यों में 15 से अधिक मामले दर्ज होने की बात कही गई है।

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