मेरठ के लोहियानगर में पुलिस और स्वाट टीम ने एक अजब-से-भेद की खोज की – बेड के नीचे एक गुप्त तहखाना, जहाँ असहाय मोड में चल रहा था हथियार निर्माण कारखाना। कई रातों तक चल रही इस गुप्त कारखाना में गन, राइफल और नई तरह के अवैध हथियार बन रहे थे, जिन्हें स्थानीय आपराधिक गैंगों को सप्लाई किया जाता था। उसी समय वारंट के तहत किए गए छापेमारी में 12 संदिग्ध तलबंद, दो किलिएट और 1500 से अधिक गोली की बर्थर, दो स्वचालित राइफल, सशस्त्र दस्तावेज़ और नकली पहचान पत्र बरामद हुए। पुलिस ने बताया कि यह कारखाना पिछले चार महीनों से चल रहा था, और स्थानीय वाणिज्यिक इकाई को मुखौटा बनाकर संचालन किया जा रहा था। गिरफ्तार हुए लोगों में से एक का इंटेलिजेंस एजेंसियों से जुड़ाव भी सामने आया। यह मामला न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को चौंकाया, बल्कि अपराधियों के लिये असली ‘मौत का तहखाना’ बना हुआ था। Post navigation मैड्रिड ओपन में इलेक्ट्रॉनिक लाइन कॉलिंग को लेकर राइबाख़िना का विश्वास नहीं काले चावल के अद्भुत लाभ: काम‑काज में रुकावट दूर, दाम्पत्य सुख और नौकरी में तरक्की के असरदार उपाय