छत्तीसगढ़ के धमतरी में एक युवक के हौसले की चर्चा हर जुबान पर है। इस युवक का नाम मोहन है, जिसे लोग ‘पोस्टमार्टम किंग’ कहते हैं। मोहन ने 25 साल में 7 हजार से अधिक पोस्टमार्टम किए हैं। यह आंकड़ा अपने आप में उनकी मेहनत और समर्पण को दर्शाता है। मोहन ने अपने काम के प्रति गंभीरता और ईमानदारी का परिचय दिया है। उनकी कहानी सुनकर लोग हैरान रह जाते हैं। मोहन का यह सफर आसान नहीं रहा है। उन्होंने कई चुनौतियों का सामना करते हुए यह मुकाम हासिल किया है। उनके काम की सराहना आसपास के लोग करते हैं। मोहन अपने काम को सेवा भाव से करते हैं। उनकी कहानी युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। धमतरी में मोहन को एक विशेष पहचान मिली है। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें ‘पोस्टमार्टम किंग’ का खिताब दिलाया है। Source: Source Post navigation राजकोट में अहीर समाज का शाही गरबा, 15 हजार से ज्यादा महिलाओं ने पहने 900 किलो सोने के गहने राजस्थान में गिद्धों और शिकारी पक्षियों को बचाने की पहल, जानिए क्या है ‘प्रोजेक्ट रैप्टर’