कांकेर के चारामा विकासखंड के हल्बा चौकी में पदस्थ पुलिस अफसरों की कार्यप्रणाली को लेकर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में आक्रोश है। हल्बा चौकी प्रभारी दीपा सिंह केवट और उपनिरीक्षक चेतन साहू पर लोगों से अवैध वसूली करने, जनप्रतिनिधियों से दुर्व्यवहार करने तथा रेत परिवहन के नाम पर रुपये ऐंठने का गंभीर आरोप है। इसको लेकर शुक्रवार, 30 अक्टूबर को चारामा जनपद अध्यक्ष जागेश्वरी भास्कर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण कांकेर पहुंचे और पुलिस अधीक्षक तथा कलेक्टर को लिखित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने दोनों पुलिस अधिकारियों को तत्काल चौकी से हटाने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत में बताया गया कि चौकी प्रभारी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ समन्वय नहीं बना पा रही हैं और किसी भी सामान्य कार्य के लिए चौकी जाने पर पैसों की मांग की जाती है। शिकायतकर्ता विकास मंडावी ने बताया कि अगस्त माह में प्रधानमंत्री आवास निर्माण कार्य के लिए नदी से रेत लाते समय उनकी गाड़ी पकड़ी गई थी और वाहन छुड़ाने के लिए चौकी प्रभारी ने 20 हजार रुपये मांगे, जिसमें उन्होंने 15 हजार रुपये दिए तथा बाद में एसआई चेतन साहू को भी 15 हजार रुपये देने पड़े। ग्राम अरौद के जनपद सदस्य चिंताराम साहू ने आरोप लगाया कि 21 अक्टूबर को अरौद के दशहरा महोत्सव के दौरान सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने सबके सामने उनसे अभद्र व्यवहार किया और थाने जाने पर भी अपमानित किया तथा पैसों की मांग की। चौकी प्रभारी दीपा सिंह केवट ने कहा कि कोई भी किसी पर कुछ भी आरोप लगा सकता है और यह पूरा मामला जांच का विषय है, जिसमें उच्च अधिकारियों द्वारा जांच कराए जाने पर वस्तुस्थिति स्पष्ट हो जाएगी, जबकि जनपद पंचायत अध्यक्ष जागेश्वरी भास्कर ने कहा कि चौकी में पदस्थ जिम्मेदार अधिकारियों को ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के साथ तालमेल बनाकर काम करना चाहिए और पदस्थापना के बाद से एक बार भी शांति समिति की बैठक नहीं बुलाई गई, जिसके चलते लगातार शिकायतें मिलने के बाद एसपी से कार्रवाई की मांग की गई है।

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