अबोहर के सिविल अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 21 वर्षीय प्रसूता की हालत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतका ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया था, लेकिन खुशियां मातम में बदल गईं। मृतका के परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। जानकारी के अनुसार, जम्मू बस्ती निवासी राजदेवेंद्र कौर (21) पत्नी रणजीत सिंह को शनिवार को आशा वर्कर सरबजीत कौर की मदद से सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब तीन साल पहले उनकी शादी हुई थी और यह उनका पहला बच्चा था। अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. भावना की देखरेख में ऑपरेशन से डिलीवरी कराई गई। डॉक्टरों का दावा है कि ऑपरेशन से पहले महिला का ब्लड प्रेशर सामान्य था, लेकिन ऑपरेशन के दौरान अचानक बीपी बढ़ गया और उन्हें दौरे आने लगे। बच्चे के जन्म के बाद महिला की स्थिति और गंभीर हो गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत रेफर कर दिया। परिजन महिला को अबोहर के ही एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते उचित उपचार मिलता तो राजदेवेंद्र कौर की जान बचाई जा सकती थी और उन्होंने रेफर प्रक्रिया तथा इलाज के तरीकों पर कई सवाल खड़े किए हैं। सिविल अस्पताल के एसएमओ का कहना है कि डॉक्टरों की टीम ने महिला को बचाने के हरसंभव प्रयास किए थे, लेकिन हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण उन्हें मजबूरी में रेफर करना पड़ा। फिलहाल मृतका के शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है और सिटी वन थाना पुलिस को सूचित कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मौत का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा और डॉक्टरों की ओर से कोई लापरवाही हुई है या नहीं, यह भी जांच का विषय है।

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