अर्थशास्त्रियों के अनुसार, यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो इसका असर महंगाई और आयात खर्च पर भी पड़ सकता है. भारत में ईंधन कीमतों का असर परिवहन, कृषि, विनिर्माण और खुदरा बाजार समेत लगभग हर क्षेत्र पर पड़ता है. 🔗 Read original source — Aaj Tak [RAW] Post navigation अमेरिकी मध्यस्थता में बड़ा फैसला, इजरायल-लेबनान में 45 दिन का सीजफायर बढ़ा 'डार्लिंग, तुम्हारे लिए…', छात्रा से अश्लील बात करना प्रोफेसर को महंगा पड़ा