रूस की कलाश्निकोव कंपनी ने भारत में MP-155 शॉटगन के निर्माण के लिए लाइसेंसिंग समझौता किया है। शिकार के लिए बनी यह सेमी-ऑटोमैटिक गन अब ड्रोन से लड़ने में भी कारगर साबित हो रही है। इस समझौते से भारत में हथियार निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। कंपनी का यह कदम मेक इन इंडिया के तहत अहम माना जा रहा है। एंटी-ड्रोन शॉटगन सुरक्षा एजेंसियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। इससे ड्रोन से होने वाले खतरों से निपटने में मदद मिलेगी। भारत में इसका उत्पादन जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

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