पीएम मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस ने उनके घर में नोटिस चस्पा किया है, जिसके बाद अमित जोगी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर खुद को भगोड़ा बताए जाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि वे कानून से भाग नहीं रहे हैं और गुजरात पुलिस की सुरक्षा में हैं। उन्होंने बताया कि वे 2 से 8 नवंबर तक मित्रों के आमंत्रण पर पहले से तय कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं और उनके कार्यालय ने 30 अक्टूबर को ही छत्तीसगढ़ और गुजरात के पुलिस महानिरीक्षकों सहित संबंधित अधिकारियों को उनके कार्यक्रम की सूचना दे दी थी। जोगी ने सवाल उठाया कि जब उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया जा सकता था, तो उनके घर जाकर नोटिस चस्पा करने और उनकी मां-पत्नी को अपमानित क्यों किया गया। अमित जोगी ने एफआईआर में लगाई गई बीएनएस की धारा 196 पर भी सवाल उठाए और कहा कि यह धारा सांप्रदायिक घृणा फैलाने से जुड़ी है, इससे अच्छा तो देशद्रोह का आरोप लगा देते। उन्होंने कहा कि ज्ञानू और जानू का मतलब बहुत साधारण था और आज चुनाव कराने से लेकर कौन वोट डालेगा, इसका अधिकार सिर्फ दो लोगों के पास है। उन्होंने कहा कि जब तक यह व्यवस्था नहीं बदलेगी, चुनाव में भाग लेना उसे वैधता देने जैसा है। जोगी ने कहा कि यह मामला सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए खतरनाक है जो छत्तीसगढ़ में रहना और सांस लेना चाहते हैं और राजनीतिक व्यंग्य को सांप्रदायिक अपराध बनाना लोकतंत्र में असहमति के अधिकार पर हमला है। उन्होंने अपने वीडियो में राजनीतिक व्यंग्य के इतिहास का जिक्र करते हुए प्राचीन यूनान के नाटककार अरस्तूफेनेस और भरतमुनि के नाट्यशास्त्र में विदूषक का उदाहरण दिया। अमित जोगी ने बताया कि करीब दो दशक तक मुख्यधारा की मीडिया का हिस्सा रहने के बाद अब वे उससे दूर हो गए हैं और जेनरेशन जेड की नई दुनिया से नई भाषा में संवाद करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने अपील की कि पांच साल बाद होने वाले चुनाव में संदेशवाहक को नहीं, बल्कि संदेश को सुनें। बता दें कि अमित जोगी के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए ज्ञानू-जानू विवाह वीडियो से जुड़ा है, जिसमें दोनों के मुखौटे पहने पात्रों को सांकेतिक शादी और हनीमून के दृश्यों में दिखाया गया था। वीडियो को लेकर भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई थी और भाजपा के रायपुर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में अमित जोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें बीएनएस की धारा 196, 352, 353(2), 356(2) और आईटी एक्ट की धारा 67 लगाई गई है। विवाद बढ़ने के बाद जोगी ने वीडियो हटाकर माफी भी मांगी थी।

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