मध्यप्रदेश के भोजशाला को लेकर इंदौर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया. हाईकोर्ट ने कहा कि भोजशाला की जो संरक्षित धरोहर थी वो वाग्देवी सरस्वती का मंदिर है ना कि कमाल मौला की मस्जिद. इस पर अब असदिद्दीन ओवैसी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ASI ने 1951 और 52 में ये बता चुकी है कि ये भोजशाला मस्जिद है. 🔗 Read original source — Aaj Tak [RAW] Post navigation होटल के बाथरूम की हॉरर स्टोरी: टॉयलेट सीट उठाते ही दिखा किंग कोबरा महिलाएं गंजी क्यों नहीं होतीं, जब कि पुरुषों के गिर जाते हैं पूरे बाल?