नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विवाद के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) अब भी स्टाफ की कमी से जूझ रही है. सरकार ने हाल ही में चार नए सीनियर अफसरों की नियुक्ति की है, लेकिन एनटीए के 16 में से 8 शीर्ष पद अब भी खाली हैं. राधाकृष्णन समिति ने एनटीए की संरचनात्मक कमजोरियों और संविदा कर्मचारियों पर निर्भरता को बड़ा खतरा बताया था. 🔗 Read original source — Aaj Tak [RAW] Post navigation CM वीडी सतीशन के शपथ ग्रहण में राहुल गांधी होंगे शामिल विदेशी धरती से भारत की दहाड़, मीडिया की आजादी के आरोपों को बताया बकवास