इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के गंगा इफ्तार पार्टी मामले में कहा कि गंगा में मांसाहारी भोजन के अवशेष फेंकना हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकता है. कोर्ट ने खेद जताने और भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने के आश्वासन के आधार पर पांच आरोपियों को जमानत दे दी. यह मामला मार्च में दर्ज हुआ था, जब आरोप लगा था कि नाव पर इफ्तार के दौरान मांसाहारी भोजन के अवशेष गंगा में फेंके गए थे. 🔗 Read original source — Aaj Tak [RAW] Post navigation यूपी में नए मंत्रियों के विभागों का हुआ बंटवारा, देखें किसे मिला कौन सा विभाग जापान में भारतीय ने खड़ा किया कारोबार, डिपोर्टेशन का मिला आदेश तो छलके आंसू