भारत में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी निवेश के रास्ते खुलने के बाद वैश्विक कंपनियों की रुचि तेज हो गई है. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत में नई साझेदारियों, तकनीकी सहयोग और ऊर्जा परियोजनाओं की संभावनाएं तलाश रहा है.

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