उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तहत नारी सशक्तिकरण की लहर तेज़ी से तेज़ हो रही है। राज्य के विभिन्न जिलों में डैरी उद्यमों के माध्यम से 55,000 से अधिक महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। सरकारी योजना ‘डैरी बिंजी’ और बैंकों की विशेष ऋण सुविधाओं ने ग्रामीण महिला उद्यमियों को कम लागत में डेयरी फार्म शुरू करने का मौका दिया। परिणामस्वरूप, इन महिलाओं की आय में औसतन 40% की बढ़ोतरी हुई, जिससे उनके परिवारों की जीवनशैली में भी सुधार हुआ। सफलतापूर्वक चल रहे डैरी यूनिट न केवल दूध उत्पादन बढ़ा रहे हैं, बल्कि स्थानीय रोजगार सृजन और कच्चे माल की स्थानीय खरीद को भी बढ़ावा दे रहे हैं। इस पहल ने महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दी है, जहाँ महिलाएँ न केवल आय का साक्षी बन रही हैं, बल्कि सामाजिक निर्णय प्रक्रियाओं में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मॉडल को और राज्यों में दोहराया जाए तो राष्ट्रीय स्तर पर dairy उत्पादन और नारी सशक्तिकरण दोनों में बड़ी छलांग लगाई जा सकती है। Post navigation MP TOP NEWS TODAY: 26 अप्रैल को मध्य प्रदेश में क्या खास था? IPL 2026: लुंगी एनगिडी की सिर की चोट, मैदान से सीधे अस्पताल तक