बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में लगभग 245 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य, अब संरक्षण की एक नई कहानी बन गया है। दशकों से खत्म होते दिख रहे काले हिरण (ब्लैक डियर्स) की जनसंख्या को फिर से जीवित करने के लिये लागू किए गए वैज्ञानिक प्रबंधन, आवास सुधार और सामुदायिक सहयोग ने अद्भुत परिणाम दिखाए हैं। अब इस अभयारण्य में 120 से अधिक स्वस्थ काले हिरण पाए जा रहे हैं। इस सफलता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ‘मन की बात’ में बारनवापारा की सराहना की, कहा कि यही भारत की जैव विविधता को सुरक्षित रखने की दिशा में एक मिसाल है। स्थानीय लोग, वन्यजीव अभियंता और गैर-सरकारी संगठनों की टीम ने मिलकर जल स्रोतों की बहाली, घास के मैदानों का विस्तार और वॉलंटियर निगरानी कार्यक्रम को लागू किया। इस पहल ने न केवल हिरणों की जनसंख्या बढ़ाई, बल्कि पर्यटक आकर्षण को भी बढ़ावा दिया, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नया झटका मिला। बारनवापारा अभयारण्य अब भारत के वन्यजीव संरक्षण हेतु प्रेरक मॉडल बनकर उभरा है।

By AIAdmin