मनोरमा, 12, अपने घर से साबुन खरीदने निकली थी, जब अचानक उसे शहडोल, मध्यप्रदेश के एक अनजाने व्यक्ति ने अपहरण कर लिया। अपराधी ने उसे अपने घर के एक कमरे में बंद कर दो दिन तक रखकर कई बार शोषित किया। इस दौरान, बच्चे के परिवार को उसकी अनुपस्थिति का कोई पता नहीं चला; उन्होंने उसे स्कूल नहीं जाने दिया और फोन पर भी कोई संपर्क नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, अपराधी ने माहौल को नियंत्रित करने के लिए दरवाजे की चाबियों को मौन रखा और शाम-रात में बच्ची की रोपाई को रोकने के लिए ताला लगा दिया। शाम को जब परिवार ने बच्ची की तलाश शुरू की, तो पड़ोसी की सूचना पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर चोर को पकड़ लिया और लड़की को सुरक्षित घर ले आई। इस घटना ने शहडोल जिले में नाबालिगों के खिलाफ हो रहे अपराधों पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं, जहाँ हाल ही में ऐसी कई शोकदाये घटनाएँ सामने आई हैं। Post navigation बारनवापारा अभयारण्यात काले हिरणों की वापसी, पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में दी सराहना आरटीई में योगी सरकार की कड़ी कार्रवाई से चार दिनों में 15,679 नए नामांकन