बिहार की राजनीति में पूर्व सांसद आनंद मोहन के बयानों के बाद विवाद तेज हो गया है. उन्होंने नीतीश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पार्टी में नजरअंदाज किया जा रहा है और जदयू में पैसे की राजनीति चल रही है. उन्होंने अपने बेटे चेतन आनंद को मंत्री न बनाए जाने पर भी नाराजगी जताई. जदयू ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि फैसले संगठनात्मक आधार पर होते हैं. इस बयान से एनडीए में नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है.

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