वाशिंगटन और तेहरान अपनी-अपनी स्थितियों पर अड़े हुए हैं, जबकि मध्यस्थ इस उम्मीद में हैं कि अमेरिकी-इज़राइल युद्ध में ईरान को लेकर एक कूटनीतिक मोड़ आ सकता है। पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में रक्षा-राजनीतिक संवाद शुरू किया, लेकिन दोनों पक्षों के मुख्य मुद्दों—सैन्य प्रस्तुतियों का हटाना और यूएस के समर्थन को समाप्त करना—पर सहमति नहीं बन पाई। टीएचएफ (Iran Nuclear Deal) को लेकर अभी भी भरोसा टूटा हुआ है, और इज़राइल की संभावित कार्रवाई ने बातों को और जटिल बना दिया है। अमेरिकी राजदूत ने कहा है कि वे ईरानी पक्ष से शांति के संकेत की आशा रखते हैं, जबकि ईरानी राजनायकों ने अमेरिकी ‘आक्रमण’ को रोकने की मांग की है। इस तनाव के बीच, क्षेत्रीय स्थिरता तथा तेल के बाजार पर संभावित प्रभाव को लेकर वैश्विक चिंताएँ बढ़ी हैं, और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस जेनेरली डिप्लोमैटिक समाधान की जरूरत पर ज़ोर दे रहा है। Post navigation IPL सट्टा रैकेट पर बड़ी कार्रवाई: 1.15 करोड़ रुपये के लेनदेन का खुलासा, मास्टरमाइंड सहित 6 सटोरियों को गिरफ्तार नूंह में दहेज के सिलसिले में आरती की हत्या का आरोप: 2 लाख और बाइक की मांग पर मौत की सजा?