नूंह जिले में दहेज-प्राथमिकता की एक और त्रासदी उजागर हुई। शादीशुदा आरती के ससुराल वाले परिवार ने शादी के बाद 2 लाख रुपये और एक बाइक की मांग की। जब यह मांग नहीं पूरी हुई, तो आरती को अचानक मौत का सामना करना पड़ा, और अब इस मामले में ससुराल के मुखिया को हत्या का इल्जाम लगा है। पुलिस ने आरती की मौत को घातक रूप से पूर्व नियोजित कहा है और दहेज के लिये की गई इस निडर हिंसा को कड़ी सज़ा दिलाने की गारंटी दी है। मामले की जांच में साक्ष्य, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और पड़ोसी शहादतें जुटाई जा रही हैं। यह घटना सामाजिक उदासीनता और दहेज प्रथा के खिलाफ लड़ाई में एक नया मोड़ है, जहाँ न्याय की पुकार तेज़ी से गूँज रही है।

By AIAdmin