भारत में 1997-98, 1983 और 1994 में मजबूत अल-नीनो होने के बावजूद वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी फेल हुई. प्रशांत महासागर का पूर्वी हिस्सा ठंडा था. अन्य मौसमी वजहों ने मॉनसून को मजबूत किया, जिससे सामान्य या ज्यादा बारिश हुई. 🔗 Read original source — Aaj Tak [RAW] Post navigation दिल्ली से MP तक भीषण गर्मी और लू का अलर्ट, जानें… राहुल गांधी को सिर्फ बीजेपी ही बना सकती है 'प्राइम-चैलेंजर'