1 करोड़ रुपये का बजट भी अब दिल्ली या गुरुग्राम के प्राइम लोकेशंस में घर दिलाने के लिए छोटा पड़ने लगा है. यह बुनियादी सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर आय के किस स्तर पर दिल्ली में घर खरीदना अब आर्थिक रूप से समझदारी भरा फैसला माना जाए. 🔗 Read original source — Aaj Tak [RAW] Post navigation हिमाचल हाईकोर्ट के जज करेंगे 'कार पूल', कर्मचारी कर सकेंगे WFH बस्तर में सेंट्रल जोनल काउंसिल की बैठक, क्या है बड़ी रणनीति?