भोपाल और कोटा के बीच आयोजित एक सामुदायिक कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री डॉ. यत्राविहार यादव ने बेटी के सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “सनातन धर्म के 16 प्रमुख संस्कारों में जल ग्रहण संस्कार सबसे श्रेष्ठ है, और विवाह संस्कार के बाद बेटी अपने नए घर को समान रूप से दो घर जोड़ती है—अपने मूल घर और अपने पति के घर को।” इस बात को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि बेटी केवल परिवार का अभिमान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और आर्थिक प्रगति की कुंजी है। उन्होंने उपस्थित माताओं और युवा लड़कियों को आशीर्वाद दिया, कहे कि शिक्षा, स्वावलंबन और आत्मविश्वास से सुसज्जित लड़कियां राष्ट्र की प्रगति को तीव्र गति से आगे ले जाएँगी। कार्यक्रम में जल संस्कार के दौरान कई परिवारों ने अपने बच्चों को स्नेहपूर्वक पानी दिया, जिससे जीवन में शुद्धि और नवजीवन की आशा का प्रतीक बना। मुख्यमंत्री ने बेटी के अधिकारों को सुदृढ़ करने के लिए सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया और सभी को समान अवसर प्रदान करने के लिए सतत संवाद की अपील की।

By AIAdmin