हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की सीनियर सेकेंडरी परीक्षाओं की मार्किंग के दौरान उत्तर पुस्तिकाओं में छात्रों ने आश्चर्यजनक लिखावटें डाल दीं। कई विद्यार्थियों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं में यह दावा किया कि अगर वे इस बोर्ड की परीक्षाओं में पास नहीं हुए तो उनके पारिवारिक संबंध, खासकर माता-पिता और बच्चों के बीच, टूट जाएगा। यह भावनात्मक लिखावटें मुख्य रूप से सामाजिक दबाव और भविष्य को लेकर छात्रों की अनिश्चितता को दर्शाती हैं। शिक्षा विभाग ने इस बात पर टिप्पणी करते हुए कहा कि परीक्षा केवल शैक्षणिक मूल्यांकन का साधन है, और छात्रों को उनके परिणामों से परे समर्थन देना आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक प्रतिस्पर्धी माहौल, माता-पिता की उम्मीदें और करियर की चिंता ने इस प्रकार के दृढ़ प्रदर्शन को उत्पन्न किया है। बोर्ड ने छात्रों को मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करने और तनाव मुक्त सीखने के माहौल को मजबूत करने का वादा किया है।

By AIAdmin