जमियत उलेमाए हिंद की कार्य समिति के दो दिवसीय अधिवेशन में अध्यक्ष अरशद मदनी ने विवादित गीत को राष्ट्रीय गीत घोषित किए जाने पर कड़ा विरोध जताया. उन्होंने कहा कि यह फैसला संविधान की मूल भावना के खिलाफ है और सरकार से आग्रह किया है कि अपना निर्णय वापस ले. मदनी ने इस मसले पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक मूल्यों का सम्मान करने पर जोर दिया. 🔗 Read original source — Aaj Tak [RAW] Post navigation डांग जिले के गांवों में पीने के पानी की बड़ी समस्या अवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश, Video