गौरेला-पींड्रा-मरवाही जिले में एक बड़ी पर्यावरणीय घोटाला सामने आया है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि मारवाही वनमंडल के जिम्मेदार अधिकारियों की गैरहाज़िरी में सागौन, साल और कई अन्य मूल्यवान वृक्षों सहित कुल 122 पेड़ों की ध्वस्त कटाई की गई। यह अनधिकृत कार्य रात में किया गया, जिससे कई लोग सोते-सोते इस आपराधिक कृत्य के साक्षी बन गए। कटाई के बाद जंगल में गहरी खाई, ध्वस्त पौधों के जमाव और स्थानीय जल निकायों में जलस्तर में गिरावट जैसी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हुईं। वन विभाग की लापरवाही और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसकी अयोग्यता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने मामला जांचने का आश्वासन दिया, परन्तु अधिकारियों पर गिरफ़्तारी और इस अत्याचार के जिम्मेदारों को न्यायपालिका में लाने की मांग तेज़ हो गई है। यह घटना पर्यावरण की सुरक्षा में प्रणालीगत कमज़ोरियों को उजागर करती है और जागरूकता बढ़ाने की तत्परता की जरूरत को रेखांकित करती है। Post navigation माली के रक्षा मंत्री सादियो कामारा की समन्वित हमलों में हत्या दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने मां वैष्णो देवी के दरबार में देश की खुशहाली की दुआ की