एम्मा हनीफ़िल्ड ने अपनी बेटी के जन्मदिन पर एक एक्सोलॉटल तोहफ़े में दिया, पर जल्द ही इस छोटे, पानी के लावेंडर‑जैसे जीव से प्रेम हो गया। आज उनके पास 20 तक का संग्रह है, लेकिन उन्होंने कहा कि इन जीवों की देखभाल सरल नहीं है। एक्सोलॉटल को 16‑18°C के कोल्ड फ़िल्टर‑वॉटर चाहिए, जिससे तापमान में उछाल नहीं होना चाहिए। प्रत्येक वयस्क को कम से कम 20‑50 लीटर टैंक चाहिए और बोराक्स और नमी के स्तर को नियमित रूप से जांचना पड़ता है। उनका आहार लाइव फीड, ब्लैक फाइट और कभी‑कभी ऑर्डर लिवरेस्क्यू से प्रोटीन‑रिच फूड तक सीमित रहता है, और उन्हें दैनिक दो‑तीन बार खिलाना पड़ता है। रोग‑प्रतिरोधक प्रणाली कमजोर होने पर जलीय घाव, फंगल इन्फेक्शन और बायोटिक चढ़ाव आम होते हैं, इसलिए टैंक की सफाई हर दो हफ्ते में चाहिए। एम्मा का संदेश है: अगर आप एक्सोलॉटल को पालतू बनाना चाहते हैं तो पहले उनका प्राकृतिक वातावरण, दवाइयाँ और कानूनी प्रतिबंधों की पूरी जानकारी रखें—क्योंकि ये प्यारे जीव भी सही देखभाल के बिना नहीं बँचे रहते। Post navigation दंतेवाड़ा में नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद मिली विस्फोटक जखीरा – सुरक्षा बलों की बड़ीयां जीत दिल्ली में पार्किंग संकट को कहा अलविदा: 5 नई मल्टीलेवल पार्किंग्स से राहत