पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को अदालत में पेश करने के बजाय सीधे BSF को सौंपे जाने का आदेश दिया है. यह ‘पता लगाओ, हटाओ और देश-निकाला दो’ अभियान का हिस्सा है. इस फैसले को लेकर कानूनी प्रक्रिया और न्यायिक निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं. सरकार का कहना है कि यह कदम राज्य में अवैध प्रवासन को रोकने में मदद करेगा. हालांकि, विपक्षी दल इसे अलोकतांत्रिक और मनमाना बता रहे हैं. इस मुद्दे पर राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है. सरकार को इस मुद्दे पर सावधानी से आगे बढ़ना होगा. राज्य में अवैध प्रवासन एक बड़ा मुद्दा है और इसका समाधान करना जरूरी है. : Source Post navigation पीएम मोदी करेंगे 19वें रोजगार मेले को संबोधित राजस्थान का कुआं बुझा रहा MP के गांव की प्यास