मध्य प्रदेश के पर्यटन शहर खजुराहो के एक निजी क्लिनिक में एक पाँच साल के बच्ची को मामूली चोट का इलाज करने के लिए दवाई के इंजेक्शन के बाद अचानक फूलते-थेले में गिरते ही मृत्यु हो गई। बच्ची के माता-पिता का कहना है कि डॉक्टर ने बिना उचित जांच के तुरंत इंजेक्शन लगाया, जिससे श्वसन रुक गया। घटनास्थल पर मौजूद कई गवाहों ने बताया कि एम्बुलेंस को बुलाने के बाद भी क्लिनिक का स्टाफ शांत और सहयोगी नहीं रहा। अस्पताल से बच्चे की मृत्यु का प्रमाणपत्र मिलने के बाद परिवार ने गंभीर प्रश्न उठाते हुए क्लिनिक पर लापरवाही, अनियमित दवा उपयोग और उचित देखभाल न देने का आरोप लगाया। स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर जांच टीम तैनात की, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने क्लिनिक की कार्यप्रणाली की जाँच के लिए एक विशेष टीम बनाई। इस घटना ने निजी क्लिनिकों में चिकित्सा मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन को लेकर व्यापक चर्चा छेड़ी है।

By AIAdmin