नौकरी छोड़ते समय नोटिस पीरियड की अवधि 30, 60 या 90 दिन हो सकती है, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि हर कर्मचारी को यह पीरियड पूरा करना होगा. नोटिस पीरियड की शर्तें जॉब कॉन्ट्रैक्ट पर निर्भर करती हैं. भारत में नोटिस पीरियड सभी कर्मचारियों के लिए कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है. कर्मचारी नोटिस पे देकर जल्दी नौकरी छोड़ सकते हैं. नोटिस पीरियड के दौरान कर्मचारी को अपने काम के घंटे पूरे करने होते हैं. नोटिस पीरियड के बाद कर्मचारी को अपना आखिरी वेतन और अन्य लाभ मिलेंगे. नौकरी छोड़ने से पहले कर्मचारी को अपने जॉब कॉन्ट्रैक्ट की शर्तें पढ़नी चाहिए. नोटिस पीरियड की अवधि कम या ज्यादा हो सकती है, यह कंपनी की नीतियों पर निर्भर करता है. नौकरी छोड़ने का फैसला लेने से पहले कर्मचारी को अपने भविष्य के करियर के विकल्पों पर विचार करना चाहिए. : Source Post navigation इंटेल का नया नियम: पहले ही बार में काम करे चिप, नहीं तो नौकरी जाएगी सरकार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8% हिस्सेदारी