रायबरेली के ऊंचाहार में गंगा नदी के किनारे 17 दिन पहले दफ़न की गई लाश को आज पुलिस ने सावधानीपूर्वक निकाला। इस असामान्य कदम से स्थानीय लोगों में सड़सड़ाहट गूँज उठी, क्योंकि लाश को इतनी देर बाद उठाना आम नहीं है। घटना के बाद तुरंत अधिकारियों ने फोरेंसिक टीम को बुलाकर पोस्ट‑मार्टम कराए जाने का फैसला किया, जिससे मौत का वास्तविक कारण और दफ़न के पीछे की परिस्थितियों का पता चल सके। पुलिस ने बताया कि लाश की पहचान करने और संभावित हत्यात्मक तत्वों को बाहर लाने के लिए यह कदम आवश्यक था। निरंतर तीव्रता से चल रहे जाँच के दौरान, लाश को पानी के निकट स्थित गहरी खाई से निकाला गया, जहाँ बसेरे में लाथे हुए वस्त्र और व्यक्तिगत सामान मिले। अब फोरेंसिक विशेषज्ञ पोस्ट‑मार्टम रिपोर्ट के इंतजार में हैं, जो इस रहस्य को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। समुदाय इस घटना पर गहरा ध्वनि निकाल रहा है, और न्याय की उम्मीद में सभी नज़रें इस रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। Post navigation इंदौर-पीठम्पुर आर्थिक कॉरिडोर: किसानों के लिए भाग्योदय का शंखनाद £20,000 की चोरी के बाद 13 महीने के रिपोर्टिंग नियम से जूझी सारा ने जीत ली अपनी राशि