वाराणसी के चेतगंज में पुलिस ने एक बड़े घोटाले को उजागर किया, जिसमें फर्जी फर्मों के माध्यम से 12 करोड़ रुपये की GST चोरी की जा रही थी। गिरफ्तार शातिर, जो इस व्यवधान में मुख्य कड़ी माना गया, ने कई नकली कंपनियों की स्थापना कर टैक्स छुपाने की योजना बनाई थी। पुलिस की विशेष टीम ने कई वित्तीय दस्तावेज़ों और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैसेस के आधार पर इस गिरोह को टारगेट किया। जांच में पाया गया कि इन फर्जी फर्मों ने बॉट सॉफ्टवेयर का उपयोग करके वैध पार्टियों की ओर से नकली चालान जारी किए। अब शातिर के खिलाफ धोखाधड़ी, कर बचाव और धन शोधन के कई आरोपों में मामला दर्ज हो चुका है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी कार्रवाई से सरकारी राजस्व की रक्षा होगी और भविष्य में इस तरह की योजनाओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इस सफल ऑपरेशन से दिखाया गया है कि कानून व्यवस्था की ताकत और तकनीकी सहयोग के साथ भ्रष्टाचार का मुकाबला संभव है। Post navigation दिल्ली एजीआई एयरपोर्ट पर स्विस एयरक्राफ्ट के टेकऑफ़ में इंजन फेल, आग, 6 यात्रियों को चोटें – वीडियो स्कूटी चोर की ‘एंबुलेंस प्रेम’ की दबी कहानी: फ्री टैक्सी बनाकर चलाया पैसों का खेल