भास्कर न्यूज | नारायणपुर जिले के सुदूर वनांचलों में इन दिनों जनजातीय गरिमा उत्सव और सुशासन तिहार के जरिए गांवों का माहौल पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है। ओरछा ब्लॉक के जाटलूर, धोबे और हरवेल समेत कई गांवों में आयोजित शिविरों ने प्रशासन और ग्रामीणों के बीच की दूरी कम कर दी है। इससे गांवों में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। अभियान का उद्देश्य जनजातीय समाज को सशक्त बनाते हुए उन्हें शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाना है। इसी के तहत गांवों में लगातार सुशासन शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां अधिकारी ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर मौके पर ही समाधान के निर्देश दे रहे हैं। ग्रामीणों ने पहली बार जिला स्तरीय अधिकारियों को इतने करीब से देखा, जिससे उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। सबसे खास तस्वीर तब सामने आई जब प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की टीम गांवों में पैदल पहुंची। उबड़-खाबड़ रास्तों से होकर अधिकारी ग्रामीण बस्तियों तक पहुंचे और लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझा। इससे ग्रामीणों में यह भरोसा मजबूत हुआ कि अब सरकार केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों तक पहुंचकर काम कर रही है। शिविरों में ग्रामीणों को डिजिटल सेवाएं, पहचान पत्र और दस्तावेजों में सुधार जैसी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयों का वितरण किया। वहीं कृषि, महिला एवं बाल विकास तथा पंचायत विभागों ने स्टॉल से ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी।

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