कोरबा जिले के डिस्ट्रीक्ट मिनरल फंड (DMF) को लेकर चल रहे भ्रष्टाचार मामले में हाईकोर्ट ने पूर्व IAS अधिकारी अनिल टूटजा की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने बताया कि याचिकाकर्ता द्वारा फंड के दुरुपयोग से जुड़े दस्तावेज़ों और लेखा‑जोखा में छेड़छाड़ का जोखिम बना हुआ है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इस फैसले को वीरेंद्र गहवई, बिलासपुर के पत्रकार ने तेज़ी से रिपोर्ट किया, जहाँ उन्होंने बताया कि टूटजा पर फंड के अवैध उपयोग, कंसल्टेंट को अंसलनीय राशि देना और कई परियोजनाओं को बिना मंजूरी के जारी रखने का आरोप है। अदालत ने सभी संबंधित पक्षों को साक्ष्य सुरक्षित रखने के आदेश दिए और आगे की जांच में कड़ी निगरानी का निर्देश दिया। यह निर्णय DMF घोटाले की सच्चाई उजागर करने के प्रयास में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया है।

By AIAdmin