जालंधर फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टर अंकुश पी.एम का कहना है कि ल्यूपस एक ऐसी ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की रोगों से लड़ने वाली ताकत यानी इम्यून सिस्टम गलती से शरीर के स्वस्थ अंगों पर ही हमला करने लगता है। यह बीमारी त्वचा, जोड़ों, किडनी, दिल, फेफड़ों और दिमाग को प्रभावित कर सकती है। भारत में इसके मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन जानकारी की कमी के कारण कई लोगों को समय पर इसका पता नहीं चल पाता। डॉक्टर के अनुसार, यह बीमारी 15 से 45 साल की महिलाओं में ज्यादा होती है। ल्यूपस के मुख्य लक्षणों में लगातार थकान रहना, जोड़ों में दर्द और सूजन, बाल झड़ना, मुंह में छाले, धूप से परेशानी और सांस लेने में दिक्कत शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और सही इलाज से इस बीमारी को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। संतुलित खानपान, तनाव कम रखना, नियमित दवाएं लेना और समय-समय पर हेल्थ चेकअप करवाना मरीजों के लिए फायदेमंद होता है। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच करवाएं। : Source Post navigation कोरबा में बहुओं के नाम पर बना सरकारी शौचालय ससुर और जेठ ने बेचा, विरोध करने पर की मारपीट शिव जी ने दूर किया बचपन का दर्द, गहरी हुई एक्ट्रेस की आस्था