बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ प्रोफेसर ने कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने मौजूदा व्यवस्था में पारदर्शिता की भारी कमी का आरोप लगाते हुए इसे चाटुकारिता को बढ़ावा देने वाला बताया है और पूरी चयन प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव करने के सुझाव दिए हैं. 🔗 Read original source — Aaj Tak [RAW] Post navigation 'घर में घुसा आदमी-छीना फोन', रवीना टंडन का खुलासा मिडिल ईस्ट में बढ़ सकता है तनाव! ईरान को लेकर ट्रंप ने की बड़ी बैठक