शिवसेना (यूबीटी) नेता और यूनियन पदाधिकारी नितिन नंदगांवकर ने BEST कर्मचारियों के चल रहे आंदोलन को कर्मचारियों की बढ़ती एकजुटता का प्रतीक बताया है। उन्होंने BEST प्रशासन और सरकार पर बातचीत की कमी और कर्मचारियों के कथित शोषण का आरोप लगाया। नंदगांवकर ने कहा कि लंबे समय से कर्मचारियों की पदोन्नति रुकी हुई है और कई समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि BEST के बेड़े में लगातार कमी आ रही है, जिससे सेवाओं पर असर पड़ रहा है। इसके अलावा संविदा कर्मचारियों को समान वेतन न मिलने और ग्रेच्युटी भुगतान में देरी जैसे मुद्दे भी उठाए गए हैं। यूनियन नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। आंदोलन के चलते परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इस मुद्दे पर प्रशासन और यूनियन के बीच बातचीत की मांग तेज हो गई है। फिलहाल कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं।

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