किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत किशोर न्याय बोर्ड में जघन्य अपराधों से जुड़े मामलों के प्रारंभिक निर्धारण के लिए विशेषज्ञों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। 🔗 Read original source — Amar Ujala [RAW] Post navigation 1 बेटे के पिता हैं दिलजीत, विदेशी है पत्नी, क्यों छिपाकर रखी फैमिली? LIVE: वीडी सतीशन होंगे केरलम के अगले CM… कांग्रेस का कुछ देर में फाइनल ऐलान