किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत किशोर न्याय बोर्ड में जघन्य अपराधों से जुड़े मामलों के प्रारंभिक निर्धारण के लिए विशेषज्ञों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

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