पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ई-मेल के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रेस किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह किसी की शरारत है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश. बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की टीमें पूरे परिसर की सघन तलाशी ले रही हैं. पिछले कुछ महीनों में अमृतसर और चंडीगढ़ के स्कूलों को भी इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं.