कैप्टन अमर सिम्हा यादव की यात्रा इंजीनियरिंग, कॉर्पोरेट करियर, सैन्य सेवा और प्रबंधन शिक्षा का अनोखा उदाहरण है। उन्होंने IIT मंडी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद दुबई में L&T के साथ काम किया। एक सफल कॉर्पोरेट करियर के बावजूद उन्होंने सेना में शामिल होने का फैसला लिया। उन्होंने भारतीय सेना में कॉम्बैट इंजीनियर ऑफिसर के रूप में छह साल से अधिक समय तक सेवा दी। सेना में उन्होंने जवानों का नेतृत्व किया और कई महत्वपूर्ण अभियानों की जिम्मेदारी संभाली। सैन्य अनुभव के बाद उन्होंने अपने ज्ञान और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने के लिए नया कदम उठाया। उन्होंने IIM कलकत्ता के एग्जीक्यूटिव MBA कार्यक्रम में दाखिला लिया। अमर सिम्हा यादव लगातार सीखने और उद्देश्यपूर्ण विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उनकी कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है। उन्होंने करियर में जोखिम लेकर नए अवसरों को अपनाने का उदाहरण पेश किया है। इंजीनियरिंग से लेकर सेना और प्रबंधन शिक्षा तक उनका सफर नेतृत्व और समर्पण को दर्शाता है।

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